अब PhonePe International शुरू फायदा होगा या नुकसान?
PhonePe International Money Transfer: क्या अब भारत से सीधे दुबई या चीन भेज सकेंगे पैसे? जानिए सच

दोस्तों PhonePe ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन्स शुरू करने के लिए सेंट्रल बैंक से आधिकारिक पेमेंट लाइसेंस हासिल कर लिया है। इसके साथ ही PhonePe ने Visa के साथ पार्टनरशिप करके सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैंड, जापान और चीन सहित 14 से अधिक देशों में अपनी सेवाएँ बढ़ा दी हैं।
इस खबर के आते ही इंटरनेट पर चर्चा छिड़ गई है कि क्या अब भारत में बैठकर कोई भी व्यक्ति सीधे PhonePe से विदेश पैसे भेज सकता है। आइए, बिना किसी घुमावदार भाषा के सीधे समझते हैं कि इसका ज़मीनी मतलब क्या है।
PhonePe International Launch: क्या भारत से सीधे विदेश में ट्रांसफर होगा?
सीधा और साफ जवाब है: नहीं, बिल्कुल नहीं।
सोशल मीडिया पर यह गलतफहमी फैल रही है कि जैसे हम एक राज्य से दूसरे राज्य में घरेलू UPI ट्रांसफर करते हैं, वैसे ही अब दुबई या चीन में भी कर सकेंगे।
- सीधा P2P ट्रांसफर नहीं होगा: विदेशी मुद्रा नियमों (FEMA) और एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग कानूनों के कारण आप भारत के बैंक खाते से सीधे किसी विदेशी नागरिक के खाते में आम UPI की तरह पैसा नहीं भेज सकते।
- यह असल में ‘Scan to Pay’ है: अगर आप भारत से टूरिस्ट या बिज़नेस ट्रिप पर UAE, सिंगापुर या चीन जाते हैं, तो वहाँ की दुकानों या मॉल में लगे Visa QR कोड को PhonePe से स्कैन करके भुगतान कर सकेंगे। पैसा आपके भारतीय बैंक खाते से कटेगा और सिस्टम उसे विदेशी मुद्रा में बदलकर मर्चेंट को दे देगा।
UAE और खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों (NRIs) के लिए क्या बदलेगा?

खाड़ी देशों में काम करने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों के लिए यह खबर काफी अहम है:
- Inward Remittance (घर पैसे भेजना): UAE में PhonePe को खुद का लाइसेंस मिल गया है। इसका मतलब वहाँ रहने वाले भारतीय अपनी लोकल कमाई (AED) को PhonePe के ज़रिए सीधे भारत में अपने परिवार के SBI, PNB या किसी भी बैंक खाते में भेज सकेंगे।
- दलालों और भारी कमीशन से राहत: पहले बैंक वायर या प्राइवेट एजेंसियों में भारी कमीशन और समय लगता था। डिजिटल सिस्टम से यह ट्रांसफर काफी सस्ता और तेज़ हो जाएगा।
- मोबाइल रिचार्ज का सच: कई लोग सोच रहे हैं कि विदेश से भारत का मोबाइल रिचार्ज अब मुमकिन हुआ है। ऐसा नहीं है; यह सुविधा पहले से ही चालू थी। कोई भी व्यक्ति विदेश में बैठकर भी PhonePe से भारत के किसी भी मोबाइल नंबर पर रिचार्ज या बिजली बिल भर सकता है।
Google Pay vs PhonePe: क्या यह ऐप भारत का है या अमेरिका का?
अक्सर लोगों में यह सवाल रहता है कि Google Pay तो अमेरिकी है, तो क्या अमेरिका में भी सब ऐसे ही QR कोड स्कैन करते हैं?
- अमेरिका का सिस्टम अलग है: अमेरिका में भारत की तरह हर छोटी दुकान पर QR कोड स्कैन करने का सिस्टम नहीं है। वहाँ लोग कार्ड या फोन से Tap to Pay (NFC) का उपयोग करते हैं। अमेरिका में पुराना Google Pay बंद होकर अब Google Wallet बन चुका है।
- मालिक बनाम टेक्नोलॉजी: Google Pay का मालिकाना हक भले अमेरिकी कंपनी Google के पास हो, लेकिन भारत में इसका पूरा सिस्टम भारत सरकार की संस्था NPCI (UPI) पर चलता है। PhonePe विशुद्ध रूप से भारतीय फिनटेक कंपनी है, जो अब ग्लोबल मार्केट में अपनी पहचान बना रही है।
PhonePe International के फायदे और नुकसान
फायदे (Pros)
- Forex Card और कैश का झंझट खत्म: विदेश यात्रा के दौरान भारी मात्रा में विदेशी करेंसी नोट या महंगे फॉरेक्स कार्ड रखने की ज़रूरत नहीं होगी।
- पारदर्शी करेंसी रेट: एयरपोर्ट या मनी-एक्सचेंज काउंटरों पर लगने वाले छुपे हुए शुल्कों और मनमाने रेट से बचत होगी।
- सस्ता रेमिटेंस: खाड़ी देशों से भारत पैसा भेजना पहले के मुकाबले आसान और कम खर्चीला होगा।
नुकसान (Cons)
- फॉरेक्स मार्कअप और TCS: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर QR कोड स्कैन करने पर बैंक 1% से 3.5% तक फॉरेक्स मार्कअप और सरकारी नियमों के तहत TCS काट सकते हैं।
- रोमिंग और सिम की अनिवार्यता: विदेशी धरती पर भारतीय PhonePe तभी काम करेगा जब आपके भारतीय नंबर पर इंटरनेशनल रोमिंग एक्टिव हो, ताकि बैंक का SMS और OTP आ सके।
- हर जगह QR कोड नहीं: यह सुविधा केवल उन्हीं अंतरराष्ट्रीय स्टोर्स पर चलेगी जहाँ Visa-सपोर्टेड QR कोड उपलब्ध होंगे।
Wah Times News की राय।

हमारी साफ़ राय: देखो भाइयों और बहनों, PhonePe का विदेशों में चलना हम सभी भारतीयों के लिए गर्व की बात ज़रूर है, लेकिन किसी भी हवा-हवाई बात में मत पड़ना। कई लोग सोच रहे हैं कि अब गाँव-घर में बैठे-बैठे सीधा विदेश में किसी को पैसा भेज देंगे, तो ऐसा कुछ भी नहीं है। यह सिर्फ घूमने-फिरने वालों के लिए और विदेश में कमाकर घर पैसे भेजने वालों की सहूलियत के लिए है। हमारी सीधी सलाह यही है कि अगर आप कभी बाहर देश जा रहे हैं, तो PhonePe का QR कोड चालू ज़रूर रखें, पर सिर्फ इसी के भरोसे मत बैठना। अपनी जेब में थोड़ा लोकल कैश और इंटरनेशनल कार्ड ज़रूर रखना, ताकि परदेस में जाकर किसी परेशानी में न फँसना पड़े।
आपके दिमाग में चल रहे कुछ ऐसे सवाल (FAQs)
सवाल 1: विदेश यात्रा पर जाने से पहले क्या PhonePe में कोई सेटिंग चालू करनी पड़ती है?
जवाब: हाँ। विदेश जाने से पहले आपको PhonePe ऐप की प्रोफाइल में जाकर UPI International को मैन्युअली एक्टिवेट करना होता है। सुरक्षा कारणों से बैंक इसे अधिकतम 90 दिनों के लिए चालू करते हैं, जिसके बाद यह अपने आप बंद हो जाता है।
सवाल 2: क्या विदेश में रहते हुए PhonePe वॉलेट में किसी विदेशी बैंक के कार्ड से बैलेंस ऐड कर सकते हैं?
जवाब: नहीं। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के नियमों के अनुसार भारतीय डिजिटल वॉलेट में सिर्फ भारत में जारी किए गए डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग से ही पैसे जोड़े जा सकते हैं। विदेशी कार्ड वॉलेट में काम नहीं करेंगे।
सवाल 3: अगर विदेश में QR कोड स्कैन करने पर बैंक से पैसा कट जाए लेकिन मर्चेंट को न मिले तो क्या होगा?
जवाब: ऐसी स्थिति में पैसा सुरक्षित रहता है और उसी भारतीय बैंक खाते में रिफंड आ जाता है। अंतरराष्ट्रीय करेंसी सेटलमेंट के कारण इस रिफंड में घरेलू UPI की तुलना में 3 से 7 कार्यदिवस (Working Days) का समय लग सकता है।
अगर यह जानकारी काम की लगी हो, तो अपने दोस्तों और परिवार के साथ ज़रूर शेयर करें ताकि उन्हें बाद में Google पर how PhonePe international works या PhonePe international payment process सर्च करके परेशान न होना पड़े। तकनीक की ऐसी ही ज़मीनी और सटीक खबरों के लिए जुड़े रहें।
यह भी पढ़ें: PhonePe Payment Failed: फोन पे से पैसे कटने के बाद पैसे वापस रिफंड कैसे लाएं? पढ़ें यह आर्टिकल।
Disclaimer (अस्वीकरण): देखो भाई, इस आर्टिकल में दी गई जानकारी आप सभी को जागरूक और सतर्क रखने के लिए है। विदेश में पेमेंट करते वक्त बैंकों के करेंसी रेट, टैक्स और नियम समय-समय पर बदलते रहते हैं। इसलिए कोई भी बड़ा इंटरनेशनल लेन-देन करने से पहले अपने PhonePe ऐप में ताज़ा चार्ज और नियम खुद ज़रूर चेक कर लेना।