बातचीत को अपनी स्थानीय बोली में आसानी से समझें।
मुंडारी संथाली और गोंडी जैसी भाषाएं उपलब्ध।
आवास पेंशन और छात्रवृत्ति का लाभ अब बेहद आसान।