Ration Card Without Fingerprint: अब चेहरा दिखाओ और राशन पाओ!
Ration Card Without Fingerprint: अब चेहरा दिखाकर मिलेगा राशन, UIDAI ने शुरू किया Face Authentication

राशन की दुकान पर अंगूठा मैच न होने की समस्या अब जड़ से खत्म हो गई है। बुजुर्गों और मजदूरों के लिए यह ऐतिहासिक राहत है।
राशन की दुकान पर फिंगरप्रिंट न मिलने के कारण अब किसी भी गरीब या बुजुर्ग को खाली हाथ नहीं लौटना पड़ेगा। कई बार उम्र बढ़ने से उंगलियों की रेखाएं घिस जाती हैं या मजदूरी करने वालों के हाथ कटने-छिलने से बायोमेट्रिक मशीन अंगूठा स्वीकार नहीं करती थी। इसी समस्या को सुलझाने के लिए सरकार ने e-PDS प्रणाली में Ration Card Face Authentication सुविधा को राष्ट्रीय स्तर पर लॉन्च कर दिया है। कोलकाता में आयोजित ‘आधार संवाद’ कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने इसका आधिकारिक शुभारंभ किया। अब कोटेदार के स्मार्टफोन से सिर्फ चेहरा स्कैन कराकर तुरंत राशन लिया जा सकेगा।
1. Ration Card Fingerprint Problem Solution: बुजुर्गों और मजदूरों को मिली राहत।
उंगलियों के निशान न मिलने पर भी अब अनाज मिलना बंद नहीं होगा।
- घिसे फिंगरप्रिंट की समस्या खत्म: बुजुर्गों की उंगलियों की रेखाएं उम्र के साथ हल्की पड़ जाती हैं, लेकिन अब सिर्फ चेहरा देखकर राशन मिल जाएगा।
- मजदूरों को सीधा फायदा: मेहनत-मजदूरी या खेती के कारण जिन लोगों के हाथों में कट लग जाते हैं, उन्हें बायोमेट्रिक एरर से मुक्ति मिल गई है।
- दुकान के चक्कर लगाने से आजादी: मशीन में अंगूठा न लगने पर कोटेदार द्वारा बार-बार लौटाने का झंझट हमेशा के लिए समाप्त हो गया है।
2. Ration lene ke liye face authentication kaise kare: जानें पूरी प्रक्रिया

मोबाइल कैमरे के सामने 5 सेकंड चेहरा दिखाते ही सत्यापन पूरा हो जाएगा।
- Face RD App से स्कैनिंग: कोटेदार अपने मोबाइल में UIDAI का अधिकृत फेस ऐप खोलकर लाभार्थी के चेहरे की फोटो लेगा।
- लाइवनेस वेरिफिकेशन: कैमरे के सामने व्यक्ति को सिर्फ अपनी पलकें झपकानी होंगी, जिससे असली व्यक्ति की तुरंत पहचान हो सके।
- तुरंत अनाज वितरण: चेहरा आधार डेटा से मिलते ही स्क्रीन पर हरी पर्ची दिखेगी और कोटेदार तुरंत राशन तौल कर दे देगा।
3. Face Authentication in e-PDS Pros and Cons: फायदे और कमियां
इस नई डिजिटल व्यवस्था के अपने फायदे हैं, तो कुछ व्यावहारिक दिक्कतें भी हैं।
फायदे (Pros):
कोटेदार की मनमानी और राशन की चोरी पर पूरी तरह लगाम लगेगी।
- बिना मशीन त्वरित राशन: कोटेदार को भारी बायोमेट्रिक मशीन की जरूरत नहीं होगी, मोबाइल कैमरे से असली व्यक्ति को तुरंत राशन मिल जाएगा।
कमियां (Cons):
परदेस में अकेले रहने वाले प्रवासी मजदूरों के लिए थोड़ी परेशानी हो सकती है।
- अकेले प्रवासी मजदूरों की दिक्कत: अगर राशन कार्ड में परिवार के अन्य सदस्य जुड़े हैं तो वे आसानी से राशन उठा सकते हैं, लेकिन परेशानी केवल उन मजदूरों को होगी जिनका कार्ड में सिर्फ एक ही नाम है और वे काम के लिए परदेस में रहते हैं।
आपके मन का कुछ ऐसे सवाल और जवाब (FAQs)

Q1. क्या चेहरा स्कैन करवाकर राशन लेने के लिए कोटेदार को कोई अतिरिक्त फीस देनी होगी?
उत्तर: बिल्कुल नहीं। राशन की दुकान पर फेस वेरिफिकेशन पूरी तरह फ्री सरकारी सेवा है। इसके लिए कोई भी डीलर पैसे नहीं मांग सकता।
Q2. अगर किसी व्यक्ति के चेहरे पर चोट या पट्टी बंधी हो, तो राशन कैसे मिलेगा?
उत्तर: ऐसी स्थिति में राशन कार्ड में दर्ज परिवार का कोई भी अन्य सदस्य अपना फेस स्कैन करवाकर राशन ले सकता है, या वैकल्पिक मोबाइल ओटीपी का उपयोग किया जा सकता है।
Q3. क्या राशन कार्ड में फेस वेरिफिकेशन के लिए अलग से नया आधार कार्ड बनवाना पड़ेगा?
उत्तर: नहीं। आपके मौजूदा आधार कार्ड में पहले से मौजूद फोटो रिकॉर्ड से ही सिस्टम आपके चेहरे का मिलान कर लेता है।
Wah Times News की राय।
Wah Times News का मानना है कि सरकारी योजनाओं में तकनीक का इस्तेमाल हमेशा आम जनता की मुश्किलें आसान करने के लिए होना चाहिए। राशन दुकान पर अंगूठा न मिलने से गरीबों और बुजुर्गों को राशन से वंचित होना पड़ता था, जो बेहद कष्टदायक था। सरकार का यह नया फैसला कोटेदारों की मनमानी और तकनीकी खामियों दोनों को एक साथ खत्म करता है। चेहरे से पहचान की यह सुविधा अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के अधिकार और सम्मान की सीधी गारंटी है।
जानकारी उपयोगी लगी हो तो परिवार और रिश्तेदारों में जरूर शेयर करें, ताकि सबको इस नई सुविधा का पता चले।
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Disclaimer: हमारा उद्देश्य पाठकों तक सही और तथ्यपरक जानकारी पहुंचाना है। यह लेख तकनीकी बदलावों और आधिकारिक सूचनाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। सरकारी नियमों, दिशानिर्देशों या तकनीकी प्रक्रियाओं में समय के साथ संशोधन हो सकते हैं, इसलिए किसी भी व्यवस्था का उपयोग करते समय अपने राज्य के खाद्य एवं रसद विभाग की नवीनतम नियमावली का भी ध्यान रखें।