Samsung Galaxy S26 FE Review: 8GB RAM का सच, सोचकर लें!
Samsung Galaxy S26 FE Review Highlights

कुछ दिनों के इस्तेमाल से ही इस फोन की जो कमियां और खूबियां सामने आई हैं, उसकी सीधी रिपोर्ट:
- 8GB RAM भारी काम में कम पड़ती है, 12GB मिलना चाहिए था।
- 4,900mAh बैटरी पर 29 घंटे का दावा सिर्फ डाउनलोड वीडियो पर सच है।
- सुपर स्टेडी मोड में वीडियो क्रॉप करने पर किनारों की क्वालिटी घटती है।
- फोन 45W चार्जिंग सपोर्ट करता है, लेकिन बॉक्स में चार्जर नहीं मिलता।
- आधे दाम में पोको और रेडमी ज्यादा रैम और बड़ी बैटरी दे रहे हैं।
Samsung Galaxy S26 FE Review: 8GB RAM, 4,900mAh बैटरी और बिना चार्जर के बॉक्स का पूरा सच
लॉन्च के बाद कुछ दिनों के लोगों के इस्तेमाल से ही इस फोन की असल कमियां और खूबियां खुलकर सामने आने लगी हैं। फोन देखने में जितना प्रीमियम है, रोजमर्रा के भारी काम, गेमिंग और कैमरा में इसके अनुभव उतने ही मिले-जुले हैं। आइए सीधे काम की बात करते हैं कि बिल कटवाने से पहले आपको क्या जानना जरूरी है।
8GB RAM और 256GB Storage: भारी बजट में रैम की सबसे बड़ी कमी
फोन में 256GB स्टोरेज तो ठीक है, पर 8GB RAM सबसे कमजोर कड़ी साबित होती है। फोन ऑन होते ही सिस्टम और बैकग्राउंड ऐप्स लगभग 2.5GB रैम घेर लेते हैं। यानी भारी काम के लिए सिर्फ 5.5GB रैम ही बचती है। 4K वीडियो एडिटिंग या एक साथ कई ऐप्स चलाने पर पुराने ऐप्स बार-बार रीलोड होते हैं। इतने ऊंचे बजट में कम से कम 12GB रैम होना बहुत जरूरी था।
4,900mAh Battery और 29 घंटे वीडियो का दावा: क्या है सच?

कंपनी का दावा है कि 4,900mAh की बैटरी 29 घंटे तक वीडियो चला सकती है। लेकिन यह बात सिर्फ तब सही है जब आप फोन को फ्लाइट मोड में रखकर, कम ब्राइटनेस पर डाउनलोड (Offline) वीडियो देखें। 5G इंटरनेट या वाई-फाई पर ऑनलाइन वीडियो देखने पर यह बैटरी 11 से 12 घंटे में खत्म हो जाती है। आम इस्तेमाल में सिर्फ 6 से 7 घंटे का ही स्क्रीन टाइम मिल पाता है।
45W Charging Support पर बॉक्स में चार्जर नहीं: सिर्फ केबल थमाने की मजबूरी
फोन 45W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट करता है, लेकिन बॉक्स में सिर्फ Type-C केबल मिलती है, चार्जर नहीं। अगर आप किसी दूसरे सस्ते ब्रांड का चार्जर लगाते हैं तो पूरी स्पीड नहीं मिलती। पूरी 45W की स्पीड पाने के लिए यूजर को अलग से पैसे खर्च करके ओरिजिनल चार्जर खरीदना पड़ता है। इतने भारी बजट के बाद भी डिब्बे में चार्जर न मिलना बड़ा माइनस पॉइंट है।
50MP Camera और Super Steady Video: क्रॉप करते ही क्वालिटी की समस्या
50MP का मेन कैमरा दिन के उजाले में बहुत साफ फोटो खींचता है। इसका ‘Super Steady Video’ फीचर वीडियो को बिल्कुल हिलने नहीं देता। पर समस्या तब आती है जब आप किसी सब्जेक्ट पर फोकस करने के लिए वीडियो को क्रॉप या ज़ूम करते हैं। फुटेज को स्थिर रखने के चक्कर में सिस्टम किनारों को काटता है, जिससे वीडियो की डिटेल फटने लगती है और दाने दिखने लगते हैं।
Pros and Cons: फायदा और नुकसान
इसके कुछ ऐसे जरूरी फायदा और नुकसान जो रोज के जीवन में बहुत उपयोगी होते हैं।
फायदे (Pros):
- 17.11 सेमी (6.7 इंच) की 120Hz FHD+ AMOLED स्क्रीन बहुत ब्राइट और क्लीयर है।
- सुपर स्टेडी मोड से भागते-दौड़ते भी बिना गिंबल के स्थिर वीडियो बनती है।
- IP68 वाटरप्रूफ बॉडी और 7 साल तक लगातार सॉफ्टवेयर अपडेट का भरोसा
- 45W फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट।
नुकसान (Cons):
- इतने महंगे सेगमेंट में सिर्फ 8GB रैम मिलना भारी काम के लिए कमजोर है।
- बॉक्स में चार्जर नहीं मिलता, सिर्फ केबल मिलती है।
- 29 घंटे वीडियो चलने का दावा ऑनलाइन इस्तेमाल में पूरा नहीं होता।
- वीडियो में ज्यादा क्रॉपिंग करने से क्वालिटी खराब हो जाती है।
Wah Times News की राय: Poco और Redmi से तुलना, किसे लेना चाहिए?

आज बाजार में Redmi और POCO जैसे ब्रांड्स इससे आधे से भी कम बजट में 12GB रैम, 512GB स्टोरेज, 6,500mAh से 9,000mAh तक की बड़ी बैटरी और बॉक्स में 100W चार्जर तक दे रहे हैं।
- किसे खरीदना चाहिए: अगर आपको सिर्फ सैमसंग का ब्रांड स्टेटस, 7 साल की सॉफ्टवेयर गारंटी, वाटरप्रूफ बॉडी और क्लीन सॉफ्टवेयर चाहिए, तो आप इसे ले सकते हैं।
- किसे छोड़ देना चाहिए: अगर आप पैसे की पूरी वैल्यू, मल्टीटास्किंग के लिए 12GB रैम, बॉक्स में सुपरफास्ट चार्जर और बड़ी बैटरी चाहते हैं, तो इस फोन पर इतना खर्च करना सही सौदा नहीं है।
जरूरी सवाल और उनके जवाब (FAQs)
1. क्या इसमें बिना किसी थर्ड-पार्टी ऐप के सीधे चुपचाप कॉल रिकॉर्डिंग हो जाती है?
हाँ, भारतीय यूनिट्स में सैमसंग का अपना मूल डायलर आता है, जिससे बिना किसी वॉर्निंग या अनाउंसमेंट के दोनों तरफ की कॉल आसानी से ऑटो-रिकॉर्ड हो जाती है।
2. क्या किसी भी पुराने चार्जर से यह फोन 45W की स्पीड पर चार्ज होगा?
नहीं, जब तक चार्जर Type-C PD 3.0 और PPS सपोर्ट न करे, यह धीमी गति से ही चार्ज होगा; पूरी स्पीड के लिए सही सपोर्ट वाला चार्जर ही चाहिए।
3. क्या 8GB रैम वाले मॉडल में आगे चलकर फोन अटकने की दिक्कत आएगी?
हाँ, आने वाले समय में भारी अपडेट्स और बड़े ऐप्स के साथ 8GB रैम कम पड़ने लगेगी, जिससे ऐप्स बदलते वक्त हल्का झटका दिख सकता है।
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